निकाय चुनाव आरक्षण की सुगबुगाहट दावेदारों में बेचैनी

 

  उरई नगर पालिका अध्यक्ष की सीट पर सबसे ज्यादा घमासान 

कहीं सामान्य तो  कहीं पिछडा वर्ग महिला के लिए सीट आरक्षित होने की चर्चा 

पहले से ही गोटें बिछाए बैठे दावेदार, आरक्षण जारी होने का कर रहे इंतजार 

ऋषी न्यूज संवाद उरई। विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब निकाय चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जल्द ही निकाय चुनाव का आरक्षण जारी होने वाला है। इसके चलते चुनाव लडने के दावेदारों ने भी कमर कस ली है और आरक्षण जारी होने से पहले ही गोटें बिछा दी हैं। जिले में सबसे ज्यादा घमासान उरई नगर पालिका सीट को लेकर है। उरई पालिका की सीट पर लंबे अर्से बाद आरक्षण बदलने की सुगबुगाहट है। इसके चलते यहां पर अभी से ही करीब आधा सैकडा दावेदार उत्पन्न हो गए हैं। यह सीट सामान्य या पिछडा वर्ग महिला के लिए आरक्षित होने की संभावना है। जिसके चलते इन वर्गों के दावेदारों ने अभी से ही अपनी तैयारी कर रखी है और आरक्षण जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।  गौरतलब है कि उरई नगर पालिका की सीट दो दशक से दलित वर्ग के लिए आरक्षित है। पिछले निकाय चुनाव से पूर्व यह सीट सामान्य होने की चर्चा तेज हुई थी। जिसके बाद चुनाव लडने के दावेदारों की बाढ सी आ गई थी और पूरा शहर दावेदारों की होर्डिंग्स से पट गया था। पर अंत में यह सीट दलित महिला के लिए आरक्षित कर दी गई। जिसके चलते सामान्य वर्ग के दावेदारों के अरमान धरे के धरे रह गए। अब एक बार फिर से निकाय चुनाव का आरक्षण जारी होने से पूर्व उरई पालिका की सीट का आरक्षण बदलने की सुगबुुगाहट है। इसे लेकर दावेदारों ने अभी से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। उरई नगर पालिका की सीट सबसे ज्यादा पिछडा वर्ग महिला के लिए आरक्षित होने की संभावना है। इसके चलते ओबीसी दावेदारों ने खुद के साथ ही अपने परिवार की महिलाओं को भी चुनाव लडाने की तैयारी कर रखी है। पिछडा वर्ग के दावेदारों में सबसे अधिक चर्चा युवा समाजसेवी पूर्व सभासद देवेंद्र यादव, पवनकान्त रायक्वार आदि के नामों की है। वहीं यह सीट सामान्य भी होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके लिए दावेदारों में सबसे अधिक चर्चा नरसिंह दास गुप्ता एडवोकेट, devendr yadav , भाजपा नेता अनिल बहुगुणा, अवध शर्मा बब्बा, केके सिंह, व्यापारी नेता दिलीप सेठ आदि के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा भी ऐसे करीब आधा सैकडा नाम हैं जिन्होंने अभी से ही चुनाव लडने की तैयारी कर रखी है और आरक्षण जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि यह सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होती है? इस पर शहरियों की निगाहें टिकी हुई हैं।

 

हैसियत सभासदी जीतने की नहीं और ख्वाब अध्यक्ष बनने के 

उरई। उरई नगर पालिका सीट का आरक्षण बदले जाने के बाद दावेदारों की लिस्ट दिन दूनी-रात चौगुनी बडी होती जा रही है। बडी संख्या में ऐसे नाम भी सामने आ रहे हैं जिन्हें शहर के लोग दूर-दूर तक नहीं जानते। इन दावेदारों की जमीनी हकीकत देखी जाए तो इनकी वार्ड मेंबर का चुनाव जीतने तक की हैसियत नहंी है, पर वह सपने अध्यक्ष बनने के संजोए हुए हैं। कई दावेदार तो ऐसे हैं जिनका राजनीति से दूर-दूर तक वास्ता नहीं है और दूसरे माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं, पर इन्होंने भी अपनी दावेदारी ठोंक दी है।
दावेदारों ने कर रखी आपस  में सेटिंग 

उरई। उरई नगर पालिका अध्यक्ष पद के दावेदारों ने आपस में सेटिंग कर रखी है। गुप्त समझौतों के तहत पिछडा वर्ग व सामान्य वर्ग के दावेदार आपस में एक-दूसरे के संपर्क में लगातार बने हुए हैं। इन लोगों का गुप्त समझौता यह है कि अगर सीट सामान्य होती है तो पिछडा वर्ग का दावेदार उनके चुनाव में पूरी मदद करेगा। और अगर सीट पिछडा वर्ग के लिए आरक्षित होती है तो सामान्य वर्ग का दावेदार मदद करेगा। इस सेटिंग के खेल में भी दावेदार पूरे मनोयोग से लगे हुए हैं।

रिपोर्ट : हेमन्त चौरसिया⁠⁠⁠⁠

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